- देहरादून के भविष्य की रूपरेखा तय करने में जनता की भागीदारी
- चौथे दिन नगर निगम में उमड़ी सहभागिता
- सेक्टर-04 के लोगों ने विकास पर रखी अपनी राय
- 21 जुलाई तक चलेगी जनसुनवाई, शुक्रवार को सेक्टर-05 के नागरिकों की बारी
- हर सुझाव का होगा गंभीर परीक्षण’, महायोजना-2041 पर एमडीडीए का भरोसा
- जनता की सहभागिता से बनेगी दूरदर्शी महायोजना, बंशीधर तिवारी ने की अधिक भागीदारी की अपील
- आने वाले देहरादून का विजन डॉक्यूमेंट “देहरादून महायोजना-2041” – बंशीधर तिवारी
देहरादून: एमडीडीए द्वारा चलाया जा रहा जनसंवाद अभियान महायोजना-2041 को जनभागीदारी पर आधारित अंतिम रूप देने की दिशा तय कर रहा है। अभियान के चौथे दिन नगर निगम परिसर में आयोजित जनसुनवाई शिविर में सेक्टर-04 के नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों की बड़ी संख्या ने अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। जनसुनवाई के दौरान भू-उपयोग, सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों सहित क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोगों ने अपनी बात रखी। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों को विस्तार से सुनते हुए उन्हें विधिवत अभिलेखित कर लिया।
जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल समेत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि अगले डेढ़ दशक में देहरादून के विकास, पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं और शहरी विस्तार की व्यापक रूपरेखा है। इसी कारण योजना निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
एमडीडीए का मानना है कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चुनौतियां और जरूरतें होती हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक, संतुलित और भविष्य उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्राधिकरण का कहना है कि जनसुनवाई में मिले सभी आपत्तियों और सुझावों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें योजना में शामिल किया जाएगा।
प्राधिकरण द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक क्षेत्र के सभी 12 सेक्टरों में जनसुनवाई शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। नागरिक निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। एमडीडीए का उद्देश्य महायोजना को ऐसा स्वरूप देना है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित होता रहे और आने वाली पीढ़ियों की जरूरतें भी पूरी हों।
अगले चरण में शुक्रवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में सेक्टर-05 के नागरिकों के लिए जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सुझाव देने की अपील की है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि यह जनसंवाद अभियान नागरिकों को विकास की निर्णय प्रक्रिया से सीधे जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले सुझाव महायोजना को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और जनहितकारी बनाएंगे। उनका लक्ष्य विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करते हुए देहरादून के लिए एक टिकाऊ और दूरदर्शी विकास मॉडल तैयार करना है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार कर विशेषज्ञों के माध्यम से तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से जनसुनवाई शिविरों में सक्रिय भागीदारी कर देहरादून के सुनियोजित और सतत विकास में सहयोग देने का आह्वान किया।