रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम जवाड़ियूंरौल के ग्रामीणों को पानी के लिए जंगलों में भटकना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी शासन-प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में ग्राम जवाड़ियूंरौल में चालीस से अधिक परिवार रहते हैं। बावजूद इसके विभाग की ओर से गांव के लिए कोई पेयजल योजना नहीं बनाई गई। ग्रामीण गोविदी देवी और भूपाल सिंह ने बताया कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव के लिए पेयजल योजना बनवाने का वादा करते हैं, लेकिन कुर्सी मिलते ही वह गांव को भूल जाते हैं। हालत यह है कि ग्रामीणों को पानी के लिए दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक स्रोत के चक्कर काटने पड़ते हैं। जंगल से होकर गुजर रहे प्रकृतिक स्रोत के रास्ते में हर समय जंगली जानवरों का भय बना रहता है। बरसात के समय प्राकृतिक स्रोत का पानी खराब होने के कारण ग्रामीणों को बारिश के पानी पर निर्भर होना पड़ता है।
ग्राम जवाड़ियूंरौल में पांच वर्ष पूर्व सौ से अधिक परिवार रहते थे, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण पलायन को मजबूर हो रहे हैं। वर्तमान में गांव में केवल चालीस ही परिवार रह गए हैं, इसमें भी अधिकांश बुजुर्ग ही हैं।
जल जीवन मिशन के तहत गांव के लिए पेयजल योजना बनाई जाएगी। जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का निराकरण हो जाएगा।
सरिता गुप्ता, अधिशासी अभियंता, जल निगम
