‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं’, पीएम मोदी ने दी महाराष्ट्र को सलाह

महाराष्ट्र के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर कोरोना काल (PM Narendra Modi) में सावधान रहने की अपील की है. मोदी ने कोरोना से बचाव के लिए दिया गया सरकार का नारा ‘जबतक दवाई नहीं, तबतक ढिलाई नहीं’ भी दोहराया. प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन करते हुए कही. डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा (Balasaheb Vikhe Patil Autobiography) के विमोचन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मकथा का विमोचन भले आज हुआ हो लेकिन उनके जीवन की कथाएं महाराष्ट्र के हर क्षेत्र में पहले से मौजूद हैं.

बालासाहेब विखे पाटिल की तारीफ में बोले पीएम मोदी

डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल की तारीफ में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने सत्ता और राजनीति के जरिए हमेशा समाज की भलाई का प्रयास किया. उन्होंने हमेशा इसी बात पर बल दिया कि राजनीति को समाज के सार्थक बदलाव का माध्यम कैसे बनाया जाए, गांव और गरीब की समस्याओं का समाधान कैसे हो. पीएम ने आगे कहा, ‘गांव गरीब के विकास के लिए, शिक्षा के लिए, उनका योगदान हो, महाराष्ट्र में कॉपरेटिव की सफलता का उनका प्रयास हो, ये आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देगा, इसलिए बालासाहेब वीखे पाटिल के जीवन पर ये किताब हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.’

महाराष्ट्र की स्थिति थोड़ी ज्यादा चिंताजनक: पीएम मोदी

वहीं कोविड-19 महामारी पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है. महाराष्ट्र में स्थिति थोड़ी और चिंता में डालनेवाली है. मेरी सबसे अपील है कि मास्क और सामाजिक दूरी के लिए अभी गैरजिम्मेदार ना हों, इनका पालन करें. याद रखें – जबतक दवाई नहीं, तबतक ढिलाई नहीं.’ बता दें कि महाराष्ट्र भारत में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है. वहां अबतक 15,35,315 कोरोना मरीज मिल चुके हैं. इसमें से 2,12,439 केस एक्टिव हैं वहीं 40,514 की जान जा चुकी है.