10 अगस्त तक उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद

  • 10 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून
  • पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
  • प्रशासन अलर्ट, छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर अवकाश का फैसला

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 7 अगस्त के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा अन्य पर्वतीय जिलों में बारिश के दौर तेज रहने तथा मैदानी जिलों उधम सिंह नगर और हरिद्वार में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना व्यक्त की गई है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 10 अगस्त तक प्रदेशभर में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
रुद्रप्रयाग में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जिला मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश के अनुसार 7 अगस्त को जनपद के कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
भारी बारिश को लेकर प्रशासन 24×7 अलर्ट मोड पर
लगातार हो रही वर्षा और मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला मुख्यालय के अधिकारियों के अलावा सभी विकासखंडों के अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े तथा अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति और तैयारियों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग आवश्यक संसाधनों, मशीनरी और कार्मिकों के साथ पूरी तरह तैयार रहें। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी घटना की सूचना तत्काल जिला प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए।
केदारनाथ यात्रा और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और केदारनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्रियों को समय-समय पर मौसम और यात्रा मार्ग की ताजा जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि यदि भूस्खलन, मलबा आने या अन्य कारणों से कोई सड़क बाधित होती है तो संबंधित विभाग तत्काल मशीनरी मौके पर भेजकर युद्धस्तर पर मार्ग खोलने की कार्रवाई करें, ताकि यातायात जल्द से जल्द सुचारु हो सके और स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के समीप न जाएं तथा प्रशासन और  मौसम विभाग द्वारा जारी सभी एडवाइजरी का पालन करें। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि 10 अगस्त तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना बनी हुई है।