पर्वतीय अंचलों में मटर और आलू की खेती से आत्मनिर्भर होंगे किसान

उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में पैदा होने वाले मटर और आलू की देश की अन्य मंडियों में भारी मांग है. ऐसे में उद्यान विभाग और मंडी समिति पहाड़ पर मटर की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 50% सब्सिडी के माध्यम से बीज उपलब्ध कराने जा रहा है. जिससे किसान ज्यादा से ज्यादा मटर का उत्पादन कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें. पहले चरण में उद्यान विभाग 100 कुंतल मटर के बीज वितरण करने जा रहा है. डिमांड के अनुसार और बीज उपलब्ध कराये जाएंगे.

हल्द्वानी मंडी समिति के अध्यक्ष मनोज शाह ने बताया कि पहाड़ पर सब्जी को बढ़ावा देने के लिए मंडी समिति और उद्यान विभाग लगातार काम कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पहाड़ के किसानों को मटर और आलू की खेती से जोड़ने के लिए मटर और आलू के बीज सब्सिडी के माध्यम से उपलब्ध कराने की मांग की थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए पहाड़ के किसानों को मटर के बीज को 50% सब्सिडी के माध्यम से उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध कराने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि पहाड़ के किसानों को आलू के बीज भी सब्सिडी के माध्यम से उपलब्ध कराये जाएंगे.

इसके लिए मुख्यमंत्री से वार्ता की जा रही है और जल्द आलू के बीज को भी सब्सिडी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि वर्तमान में मटर का बीज बाजार में 140 रुपये प्रति किलो उपलब्ध है, ऐसे में किसानों को आधे दाम में बीज उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बताया है कि पहले चरण में 100 कुंतल मटर के बीज उद्यान विभाग के पास उपलब्ध हो गये हैं और किसानों को वितरण करने का काम किया जा रहा है. अन्य किसानों से भी मटर और आलू के बीज की डिमांड मांगी जा रही है.