देहरादून: राजधानी देहरादून में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और बाहरी राज्यों से आए संदिग्ध व आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों पर नकेल कसने के लिए दून पुलिस ने “ऑपरेशन क्रैकडाउन” चलाया। इस डेढ़ माह लंबे व्यापक सत्यापन अभियान में हजारों लोगों की जांच की गई, जिसमें 4,466 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान शहर में हड़कंप मचा रहा।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ियों, मलिन बस्तियों, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट्स और गेटेड कॉलोनियों में सघन सत्यापन अभियान चलाने के आदेश दिए थे। पुलिस टीमों ने नगर और देहात क्षेत्रों में व्यापक जांच की।
अभियान के दौरान 342 अपार्टमेंट्स और 59 गेटेड कॉलोनियों के 30 हजार से अधिक मकानों में सत्यापन किया गया। इसके अलावा आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों, गेस्ट हाउसों और हॉस्टलों में रह रहे कुल 43,499 बाहरी व्यक्तियों की जांच की गई।
सत्यापन के दौरान 4,466 संदिग्धों पर कार्रवाई हुई। इनमें 1,805 व्यक्तियों के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान किए गए, जबकि 63 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर बीएनएसएस और पुलिस एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई।
किरायेदारों, घरेलू नौकरों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों का सत्यापन नहीं कराने वाले 2,596 मकान मालिकों और प्रतिष्ठान स्वामियों के खिलाफ 83 पुलिस एक्ट के तहत चालान दर्ज कर 2 करोड़ 59 लाख 60 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया।
अभियान में एक बड़ी सफलता तब मिली जब थाना रायपुर क्षेत्र से बिना वैध दस्तावेजों के रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। साथ ही रायवाला और कैंट थाना क्षेत्रों से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त सात अन्य आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए यह सत्यापन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस मुहिम से शहर की सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
