नैनीताल (नेटवर्क 10 संवाददाता)। नैनीताल हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा को लेकर फिर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने चार धाम यात्रा को लेकर सरकार के फैसले पर कड़ी टिप्पणी भी की है।
हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव से कहा कि या तो चारधाम यात्रा स्थगित करें या यात्रा की तिथि आगे बढ़ाएं। इसको कैबिनेट के समक्ष रखकर निर्णय लें और अपर सचिव पर्यटन के साथ 28 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताएं कि कैबिनेट ने क्या निर्णय लिया। इसके बाद कोर्ट ने कोविड की तीसरी लहर से संबंधित मामलों की सुनवाई सात जुलाई को नियत कर दी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, सच्चिदानंद डबराल, अनु पंत की जनहित यचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य सचिव ओमप्रकाश, वित्त व स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी व पर्यटन सचिव आशीष चौहान पेश हुए। सरकार की ओर से मामले में 700 पेज का शपथपत्र पेश किया गया। कोर्ट ने शपथपत्र को भ्रामक करार देते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि प्रदेश में कोविड से आधी मौतें सरकार की अधूरी तैयारियों की वजह से हुईं। सरकार ने कोविड नियमों का पालन नहीं किया। गंगा दशहरा पर हजारों लोगों ने हरि की पैड़ी में स्नान किया। सरकार उस भीड़ में नदारद रही।
कोर्ट ने सरकार से कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयारियों के बारे में भी पूछा है।
