शिक्षा विभाग में हुए बड़े फैसले, प्रधानाचार्यों को मिलेगी दोहरी जिम्मेदारी से मुक्ति

देहरादूनः उत्तराखंड शिक्षा विभाग में आज दो बड़े फैसले लिए गए हैं. पहला एलटी से प्रवक्ता पद पर प्रमोशन पाएं शिक्षकों की तैनाती को लेकर रहा तो दूसरा विद्यालयों में प्रधानाचार्य पर अतिरिक्त जिम्मेदारी की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने से जुड़ा था.

दरअसल, शिक्षा विभाग के अधिकारी अब तक प्रमोशन पाएं शिक्षकों को उन्हीं स्कूलों में विकल्प देने पर विचार कर रहा था, जहां शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन शिक्षक संगठन की तरफ से हाई कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका डालने की चेतावनी के बाद अब शिक्षा विभाग ने अपना फैसला बदल लिया है. शिक्षा विभाग अब अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति वाले स्कूलों को भी विकल्प के तौर पर देगा, जिससे अब अतिथि शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है.बता दें कि अतिथि शिक्षकों को प्रदेश भर के तमाम स्कूलों में अस्थायी तौर पर मात्र ₹15000 की तनख्वाह पर रखा गया है. इसे लेकर आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.

उधर, शिक्षा विभाग में दूसरा बड़ा फैसला प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी को लेकर रहा. उत्तराखंड में स्कूलों के प्रधानाचार्य को अब तक खंड शिक्षा अधिकारी या उप शिक्षा अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी व्यवस्था के अनुसार दी जाती रही है, लेकिन अब शासन ने इस व्यवस्था पर विराम लगाते हुए प्रधानाचार्य को ऐसी जिम्मेदारी नहीं देने को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं. साथ ही प्रशासनिक पदों पर प्रशासनिक अधिकारियों की तरह ही आदेश जारी कर दिए गए हैं. शासन के इस आदेश के बाद अब प्रधानाचार्य पर अतिरिक्त जिम्मेदारी का बोझ खत्म होगा. साथ ही प्रधानाचार्य अब स्कूलों पर अपना पूरा ध्यान दे पाएंगे.