सांस्कृतिक विरासत को संजोने का नाम है संगम  

 देहरादून: सांस्कृतिक विरासत को संजोने का नाम है संगम यह बात उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष श्री मति ऋती खंडूरी ने कही । वह संगम ट्रस्ट के आठवें स्थापना दिवस के उपलक्ष पर मकर संक्रांति पर आयोजित संगम मिलन समारोह पर बतौर मुख्यअतिथि सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहाँ सामाजिक कार्यों के साथ साथ आज अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने की भी ज़रूरत है जो की संगम ट्रस्ट बखूबी कर रहा है । उन्होंने कहा कि आज बच्चों को अच्छे शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने की ज़रूरत है । उन्होंने संगम ट्रस्ट के कामों की सराहना करते हुए ट्रस्ट को और मजबूती से समाजसेवा की बात की । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संगम ट्रस्ट के अध्यक्ष डा. राजेश कुमार तिवारी ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि जिन उद्देश्यों को लेकर संगम ट्रस्ट बनाया गया है उसका  पूरी ईमानदारी से निर्वहन किया जाएगा । संगम ट्रस्ट के बिषय में  सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में संगम कैसे ज़रूरत मंदलोगों को मदद पहुँचाया है और पहुँचा रहा है । कोषाध्यक्ष शिव शंकर कुशवाह ने ट्रस्ट का लेखा जोखा रखा । संगम के उपाध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने पूरे प्रदेश से आए सभी पदाधिकारीओं और सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया । कार्यक्रम में देहरादून नगर निगम मेयर सुनील उनियाल गामा भी उपस्थित रहे।इस अवसर पर शिक्षा से जुड़े कई प्रबुद्ध हस्तियों ने प्रदेश के समृद्धि एवं विकास के विषयों पर चर्चा की तथा प्रदेशवासियों को को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर कुलपति उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय प्रोफेसर ओंकार सिंह, कुलपति आईसीएफएआई विश्वविद्यालय रामकरण सिंह, संगम ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश तिवारी, उपाध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष शिव शंकर कुशवाहा, अनिता सक्सेना , रवि सरन , विवेक श्रीवास्तव सहित सैकड़ों लोग  उपस्थित रहे ।इस अवसर पर पीयूष निगम , ब्यमकेश दुबे , अमित जायसवाल , विक्रम श्रीवास्तव ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए ।कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि श्रीकांत श्री ने किया ।

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