चमोली: शुक्रवार की दोपहर को बदरीनाथ धाम के माणा में ग्लेशियर टूटने से 57 मजदूर बर्फ में दब गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से 15 को बचा लिया गया है। 15 लोगों को बचा लिया गया है। इन मजदूरों को माणा गांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार ने मीडिया को बताया है कि भारी बर्फबारी के बाद ग्लेशियर फिसल कर अत्यधिक बर्फ आने से 57 मजदूर दब गए हैं, साथ ही यह भी बताया गया है कि इन 57 मजदूर में से 15 को बचा लिया गया है। दरअसल बदरीनाथ धाम के पास माना गांव से आगे सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है जिसमें कई मजदूर काम कर रहे हैं। भारी बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर इस वक्त कई कई फीट बर्फ गिरी हुई है। बताया जा रहा है कि ग्लेशियर टूटने के बाद यहां 57 मजदूर बर्फ में दब गए हैं। दुर्घटना का पता चलते ही जिला प्रशासन और बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की टीम ने बचाव काम शुरू कर दिया है। इस बारे में सभी रिपोर्ट हम आप तक पहुंचाते रहेंगे।
मिली जानकारी के मुताबिक सीमांत गांब माणा से आगे सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी बीच, ग्लेशियर टूट गया। कई मजदूर अभी ग्लेशियर में दबे हैं। दुर्घटना का पता चलते ही प्रशासन और बीआरओ की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि मई में धाम के कपाट खुलेंगे।
बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी, औली, गोरसों के साथ ही नीती और माणा घाटियों में तीन दिन से बर्फबारी हो रही है। जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फ जमा हो गई है।
सीएम ने की मजदूरों के सुरक्षित होने की प्रार्थना
जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है।
भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।
