दून अस्पताल में चापड़ लहराकर डॉक्टरों और कर्मचारियों को धमकाने वाला युवक गिरफ्तार

  • भाई के झगड़े की सूचना पर शराब के नशे में अस्पताल पहुंचा था आरोपी
  • पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दबोचा

देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में चापड़ लहराकर चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों को धमकाने के आरोपी युवक को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया चापड़ भी बरामद किया है। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है।

पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को दून अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. शोभा ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति हाथ में चापड़ लेकर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में घुस आया और उसे लहराते हुए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा सुरक्षाकर्मियों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा किया। आरोपी पर राजकीय कार्य में बाधा डालने का भी आरोप है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य जानकारियां जुटाईं। इसके आधार पर पुलिस ने रविवार, 11 अक्टूबर को कोतवाली क्षेत्र से रौनक मल्होत्रा (29) को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर नहीं, बल्कि गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त चापड़ बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, बरामदगी के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी जोड़ दी गई है।

भाई के झगड़े की सूचना पर पहुंचा था अस्पताल

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उसके भाई का दून अस्पताल में कुछ लोगों से झगड़ा हो गया था। इसकी जानकारी मिलने पर वह शराब के नशे में चापड़ लेकर अस्पताल पहुंचा और वहां मौजूद डॉक्टरों व अन्य लोगों को डराने-धमकाने लगा।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में विभिन्न मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2016, 2017, 2021, 2022 और 2025 के मामले शामिल हैं।

आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में अपर उपनिरीक्षक मयंक ममगाईं, कांस्टेबल अरविंद, मान सिंह, लोकेन्द्र, एसओजी के हेड कांस्टेबल किरण कुमार और पीआरडी जवान प्रदीप कुमार शामिल रहे।